चार्वाक दर्शन

आचार्य आनंद झा

‘चार्वाक दर्शन’ भारतीय दर्शन की उस प्राचीन और विचारोत्तेजक परंपरा का परिचय प्रस्तुत करती है, जो प्रत्यक्ष अनुभव, तर्क और भौतिक जीवन को विशेष महत्व देती है। चार्वाक दर्शन भारतीय चिंतन की परंपरा में अपनी स्वतंत्र और प्रश्नाकुल दृष्टि के लिए जाना जाता है।

इस पुस्तक में चार्वाक विचारधारा के मूल सिद्धांतों, ज्ञान और सत्य के प्रति उसके दृष्टिकोण तथा धर्म, आत्मा, परलोक और कर्मकांड जैसे विषयों पर उसके विचारों को सरल एवं स्पष्ट रूप में समझाने का प्रयास किया गया है। साथ ही, भारतीय दार्शनिक परंपरा में चार्वाक दर्शन के स्थान और उसके प्रभाव पर भी प्रकाश डाला गया है।

‘चार्वाक दर्शन’ उन पाठकों के लिए उपयोगी है जो भारतीय दर्शन, तर्कशास्त्र और प्राचीन भारतीय विचारधाराओं को समझने में रुचि रखते हैं।

Black & White ₹ 949.00

Colored ₹ 379.00